इस लेख में 14
- समाज में पुष्करणा रिश्ते पारंपरिक रूप से कैसे तय होते थे
- खोज से पहले: पहले घर पर बात करें
- ऐसा बायोडाटा लिखें जिसे परिवार पढ़ना चाहें
- फोटो जो असली व्यक्ति को दिखाए
- गोत्र और ननिहाल गोत्र: बुनियादी जाँच
- कुंडली मिलान, पर संतुलन के साथ
- पुष्करणा मैट्रिमोनी साइट पर समझदारी से खोज
- पहले संपर्क का शिष्टाचार, कदम दर कदम
- हाँ कहने से पहले किन सवालों पर बात करें
- पुष्करणा ब्राह्मण मैट्रिमोनी में सुरक्षा और सत्यापन
- विशेष परिस्थितियाँ: NRI परिवार, पुनर्विवाह और तीस के बाद रिश्ता
- रिश्ता तय होने के बाद
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सावधानी के साथ अपनी खोज शुरू करें
पीढ़ियों से हमारे समाज में रिश्ता ढूँढना पूरे परिवार का काम रहा है। माता-पिता, दादा-दादी, मामा-मामी और भरोसेमंद रिश्तेदार, सबने इसमें अपना हिस्सा निभाया है। आज भी पुष्करणा मैट्रिमोनी उसी पारिवारिक भरोसे की नींव पर टिकी है, बस साधन बदल गए हैं। जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी और पोकरण से जुड़े परिवार अब पुणे, बेंगलुरु, दुबई, लंदन और कई दूसरी जगहों पर रहते हैं, और योग्य लड़के या लड़की की खबर पाने के पुराने तरीके हमेशा इतनी दूर तक नहीं पहुँचते। यह गाइड पुष्करणा ब्राह्मण विवाह की पूरी यात्रा को, घर पर होने वाली पहली बातचीत से लेकर मुहूर्त तय होने के दिन तक, सरल और व्यावहारिक कदमों में समझाती है।
यह उन माता-पिता के लिए है जो अपने बेटे या बेटी के लिए रिश्ता देख रहे हैं, और उन युवाओं के लिए भी जो खुद इस खोज में भाग लेना चाहते हैं। जहाँ किसी विषय को और गहराई से समझने की ज़रूरत है, वहाँ अलग लेख का लिंक दिया गया है।
भाग 01समाज में पुष्करणा रिश्ते पारंपरिक रूप से कैसे तय होते थे
परंपरागत रूप से समाज के ज़्यादातर रिश्ते उन लोगों के ज़रिए आते थे जो दोनों परिवारों को जानते थे। कोई रिश्तेदार बीकानेर के किसी लड़के का ज़िक्र करता जिसके परिवार की अच्छी साख होती, या कोई बुआ किसी शादी से लौटकर एक बायोडाटा घर ले आती। परिवार का नाम, गोत्र और ननिहाल अक्सर पहले से पता होते थे, और किसी भरोसेमंद रिश्तेदार की बात का सचमुच वज़न होता था।
परिचय सम्मेलन भी मिलने-जुलने की एक अहम जगह रहे हैं। परिवार इकट्ठा होते हैं, युवा मंच पर अपना परिचय देते हैं, और छपी हुई पुस्तिकाओं में कई प्रत्याशियों का विवरण होता है। अगर आप किसी सम्मेलन में जाने वाले हैं, तो हमारी परिचय सम्मेलन गाइड बताती है कि तैयारी कैसे करें।
पिछले कुछ वर्षों में इसका बहुत सारा काम व्हाट्सऐप ग्रुपों ने ले लिया है। बायोडाटा एक ग्रुप से दूसरे ग्रुप में फॉरवर्ड होते रहते हैं, अक्सर फोटो और फोन नंबर के साथ, और यह भी पता नहीं होता कि सबसे पहले किसने भेजा था। इससे पहुँच तो बहुत बढ़ी, पर नई परेशानियाँ भी आईं: रिश्ता तय होने के बहुत बाद तक पुराने बायोडाटा घूमते रहते हैं, निजी फोटो अनजान लोगों तक पहुँच जाते हैं, और यह जानने का कोई आसान तरीका नहीं होता कि जानकारी सही है या नहीं।
सबसे बड़ा बदलाव दूरी का है। जब ज़्यादातर परिवार कुछ ही शहरों में रहते थे और हर शादी में मिलते थे, तब समाज खुद एक छलनी का काम करता था। अब जब परिवार पूरे भारत और विदेशों में फैले हैं, तो केवल समाज के लिए बनी एक सावधान ऑनलाइन जगह उस काम का कुछ हिस्सा कर सकती है। pushkarnamatch.com के पीछे यही सोच है: केवल पुष्करणा परिवारों के लिए एक निःशुल्क साइट, जहाँ हर प्रोफ़ाइल किसी को दिखने से पहले समाज की टीम द्वारा जाँची जाती है।
भाग 02खोज से पहले: पहले घर पर बात करें
सबसे काम का कदम किसी भी प्रोफ़ाइल को खोलने से पहले उठाया जाता है। अपने बेटे या बेटी के साथ बैठें और खुलकर बात करें। कई बार खोज महीनों तक सिर्फ़ इसलिए खिंचती है क्योंकि माता-पिता और बच्चे चुपचाप अलग-अलग चीज़ें ढूँढ रहे होते हैं।
कुछ बातें जिन पर साथ बैठकर चर्चा करना अच्छा है:
- बेटा या बेटी किस तरह का जीवनसाथी और परिवार चाहते हैं, उन्हीं के शब्दों में।
- वे किन शहरों में रहने को तैयार हैं, और शादी के बाद किसी एक पक्ष को शहर बदलना पड़े तो क्या राय है।
- पढ़ाई और करियर की अपेक्षाएँ, जिसमें यह भी शामिल हो कि बहू शादी के बाद नौकरी जारी रखेगी या नहीं।
- परिवार के लिए कुंडली मिलान कितना ज़रूरी है, और बच्चों के लिए कितना।
- शादी के बजट का मोटा अंदाज़ा और परिवार किस तरह की शादी में सहज है।
- पहले फोन कौन करेगा, और युवा खुद कितना शामिल होना चाहते हैं।
जहाँ आप लचीले हो सकते हैं, वहाँ ईमानदार रहें। जो परिवार एक ही शहर, एक ही आमदनी, खास लंबाई और पूरे अंकों वाली कुंडली पर अड़ा रहता है, उसे बहुत कम रिश्ते मिलते हैं। जो परिवार अपनी दो-तीन अटल बातें जानता है और बाकी पर खुला रहता है, उसकी खोज आमतौर पर ज़्यादा शांत और जल्दी पूरी होती है।
यह भी पहले से तय कर लें कि परिवार में किससे और किस चरण पर राय ली जाएगी, ताकि कोई अच्छी प्रोफ़ाइल इसलिए इंतज़ार में न पड़ी रहे कि सबको उसके बारे में अलग-अलग समय पर पता चल रहा है।
भाग 03ऐसा बायोडाटा लिखें जिसे परिवार पढ़ना चाहें
बायोडाटा वह पहली चीज़ है जो दूसरा परिवार देखता है, और किसी भी फोन से पहले ही उनकी राय बना देता है। बायोडाटा पढ़ते समय परिवार आमतौर पर सबसे पहले नाम, उम्र, लंबाई, गोत्र और ननिहाल गोत्र, मूल निवास, परिवार अभी किस शहर में रहता है, पढ़ाई, काम-धंधा, और माता-पिता व भाई-बहनों के नाम और काम देखते हैं। इसके बाद ही वे शौक और स्वभाव के बारे में पढ़ते हैं।
इसे सरल और सच्चा रखें। जन्म की तारीख, समय और स्थान सही लिखें, क्योंकि दूसरा परिवार अक्सर इन्हीं से कुंडली मिलान करता है। असली पद और कंपनी या व्यवसाय का नाम लिखें, बढ़ा-चढ़ाकर नहीं। परिवार के विवरण में हर सदस्य के बारे में एक छोटी पंक्ति काफ़ी है। युवा की अपनी भाषा में कुछ वाक्य, कि उनके मूल्य क्या हैं और वे जीवनसाथी में क्या चाहते हैं, बायोडाटा को अपनापन देते हैं।
माँगों की लंबी सूची से बचें। "केवल बहुत गोरी", "केवल सरकारी नौकरी" या "केवल ऊँचे स्टेटस का परिवार" जैसे शब्द कई अच्छे परिवारों को आगे पढ़ने से पहले ही दूर कर देते हैं। हमारे लेख अच्छा बायोडाटा कैसे लिखें में उदाहरणों के साथ पूरी जाँच-सूची है।
pushkarnamatch.com पर प्रोफ़ाइल ही बायोडाटा का काम करती है। मोबाइल OTP से पंजीकरण निःशुल्क है, और विवरण भरने के बाद समाज की टीम प्रोफ़ाइल को जाँचती है, उसके बाद ही वह दूसरे परिवारों को दिखती है। कुछ भी बदले तो आप इसे कभी भी अपडेट कर सकते हैं।
भाग 04फोटो जो असली व्यक्ति को दिखाए
मूल विवरण के बाद परिवार फोटो देखते हैं। महँगे स्टूडियो शूट से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है एक साफ़ और हाल की फोटो। ऐसी फोटो चुनें जिसमें दिन की अच्छी रोशनी में चेहरा साफ़ दिखे, भाव सहज हों और कपड़े सादे व सलीकेदार हों। एक पारंपरिक और एक रोज़मर्रा की फोटो साथ हों तो व्यक्ति की सही तस्वीर बनती है।
भारी फ़िल्टर, धूप का चश्मा, ऐसी ग्रुप फोटो जिसमें समझ न आए कि कौन कौन है, और कई साल पुरानी फोटो, ये सब शंका पैदा करते हैं। जब परिवार आख़िरकार मिलें, तो उन्हें फोटो से व्यक्ति को तुरंत पहचान लेना चाहिए। बायोडाटा फोटो गाइड में लड़के और लड़की दोनों के लिए रोशनी, पृष्ठभूमि और पहनावे पर व्यावहारिक सुझाव हैं।
भाग 05गोत्र और ननिहाल गोत्र: बुनियादी जाँच
पुष्करणा ब्राह्मण विवाह में गोत्र उन पहली बातों में से है जिन्हें परिवार देखते हैं। आम परंपरा यह है कि लड़के और लड़की का गोत्र एक न हो, और कई परिवार ऐसा रिश्ता भी टालते हैं जहाँ एक पक्ष का गोत्र दूसरे पक्ष के ननिहाल, यानी माँ के परिवार, के गोत्र से मिलता हो। परिवारों में रीति-रिवाज थोड़े अलग होते हैं, इसलिए अपने बड़ों से पूछ लें कि आपका परिवार क्या मानता है।
चूँकि यह जाँच हर प्रोफ़ाइल के साथ होती है, इसलिए साइट इसे आपके लिए कर देती है। हर प्रोफ़ाइल पर आपकी अपनी प्रोफ़ाइल के साथ अपने-आप गोत्र जाँच दिखती है, ताकि आप एक नज़र में देख सकें कि इस बिंदु पर रिश्ता उपयुक्त लगता है या नहीं। यह पहली छलनी के रूप में बहुत काम की है, फिर भी विवरण दूसरे परिवार से पक्का कर लें। इस परंपरा के पीछे के कारण समझने के लिए पढ़ें गोत्र क्यों मायने रखता है।
भाग 06कुंडली मिलान, पर संतुलन के साथ
ज़्यादातर पुष्करणा परिवार आगे बढ़ने से पहले आज भी कुंडली मिलाते हैं, और कई युवा भी इसका सम्मान करते हैं। पारंपरिक तरीका अष्टकूट गुण मिलान है, जो आठ पहलुओं के आधार पर 36 में से अंक देता है। आमतौर पर 18 या उससे ज़्यादा अंक स्वीकार्य माने जाते हैं, हालाँकि परिवार के पंडित जी केवल अंक से कहीं ज़्यादा देखते हैं।
pushkarnamatch.com पर हर प्रोफ़ाइल पर आपकी प्रोफ़ाइल के साथ 36 गुणों का मिलान दिखता है, और एक निःशुल्क कुंडली मिलान टूल भी है जिसमें आप कोई भी दो जन्म विवरण डाल सकते हैं। जब आपको विशेषज्ञ की राय चाहिए, तो "पंडित जी को भेजें" विकल्प एक कुंडली रिपोर्ट लिंक बनाता है, जिसे आप व्हाट्सऐप पर अपने पंडित जी को भेज सकते हैं।
कुंडली को संतुलन में रखें। अच्छे अंक सुखी विवाह की गारंटी नहीं हैं, और कम अंक का मतलब हमेशा यह नहीं कि रिश्ता छोड़ ही देना चाहिए। मंगल, नाड़ी या भकूट जैसे दोषों पर किसी जानकार पंडित से बात करना सबसे अच्छा है, जो ऐसे उपाय या दोष-परिहार देख सकते हैं जो साधारण अंक में नहीं दिखते। कई परिवार गोत्र और कुंडली की जाँच शुरू में ही कर लेना समझदारी मानते हैं, ताकि कोई ऐसे रिश्ते से भावनात्मक रूप से न जुड़ जाए जिसे परिवार बाद में स्वीकार न करे। आठों कूटों की साफ़ समझ के लिए पढ़ें गुण मिलान को समझें।
भाग 07पुष्करणा मैट्रिमोनी साइट पर समझदारी से खोज
प्रोफ़ाइल तैयार हो जाए, तो खोज शुरू होती है। पुष्करणा मैट्रिमोनी साइट बहुत मेहनत बचाती है क्योंकि उस पर हर कोई समाज का ही है, फिर भी योजना के साथ खोजना अच्छा रहता है।
शुरुआत अपनी जीवनसाथी पसंद ध्यान से भरकर करें। जीवनसाथी पसंद क्विज़ उम्र की सीमा, शहर, पढ़ाई, काम, खान-पान और दूसरी बातों पर सरल सवाल पूछती है, और साइट आपके जवाबों से "आज के रिश्ते" दिखाती है, यानी हर दिन सुझावों की एक छोटी सूची। हर दिन कुछ चुनी हुई प्रोफ़ाइलों को ध्यान से देखना सैकड़ों प्रोफ़ाइलें एक साथ स्क्रॉल करने से ज़्यादा उपयोगी है।
फ़िल्टर के साथ व्यावहारिक रहें। उम्र का बहुत कम अंतर, एक खास शहर और एक खास डिग्री, ये मिलकर सूची को लगभग खाली कर सकते हैं। एक बार में एक फ़िल्टर थोड़ा बढ़ाएँ और देखें कौन सामने आता है। अहमदाबाद में काम करने वाला लड़का शायद खुशी से जयपुर आ जाए, और कॉमर्स पढ़ी लड़की स्वभाव में आपके परिवार के लिए उस लड़की से बेहतर हो सकती है जिसकी डिग्री आपने पहले सोची थी। आज पुष्करणा लड़के-लड़कियों के करियर बहुत अलग-अलग हैं, और अच्छे रिश्ते अक्सर वहीं से आते हैं जहाँ से सबसे कम उम्मीद हो।
रिश्ता डायरी में नोट रखें कि कौन-सी प्रोफ़ाइलें देखीं, किसे फोन किया और हर परिवार ने क्या कहा। अगर आप चाहते हैं कि परिवार के दूसरे सदस्य किसी प्रोफ़ाइल पर अपनी राय दें, तो परिवार राय लिंक से आप उसे उनके साथ साझा कर सकते हैं, ताकि वे बिना अपना खाता बनाए अपनी बात कह सकें।
भाग 08पहले संपर्क का शिष्टाचार, कदम दर कदम
जब कोई प्रोफ़ाइल अच्छी लगे, तो रुचि भेजें। दूसरा परिवार उसे स्वीकार या अस्वीकार कर सकता है। अस्वीकार करना अपमान नहीं है; इसका बस इतना मतलब है कि अभी यह रिश्ता उन्हें ठीक नहीं लग रहा, और यह जल्दी पता चल जाना सबके लिए अच्छा है। आपको जो रुचियाँ मिलें, उनका जवाब कुछ ही दिनों में दें, भले ही जवाब ना हो।
साइट पर संपर्क नंबर तब तक छिपे रहते हैं जब तक दोनों परिवार स्वीकार न कर लें। इससे सब अनचाहे फोन से बचते हैं, और जब फोन बजता है तो दोनों पक्ष पहले से इच्छुक होते हैं। जुड़ने के बाद परिवार साइट पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड संदेश भी भेज सकते हैं, और कुछ नया आने पर व्हाट्सऐप सूचना से आपको पता चल जाता है।
ज़्यादातर परिवारों में पहला फोन माता-पिता के बीच होता है। अक्सर जिस पक्ष ने रुचि भेजी, वही पहले फोन करता है, हालाँकि इसका कोई पक्का नियम नहीं है। पहला फोन छोटा और आत्मीय रखें: परिवार का परिचय दें, मूल बातें पक्की करें, और पूछें कि क्या वे बात आगे बढ़ाना चाहेंगे। इस पहली बातचीत में पैसे, लेन-देन या सटीक तनख्वाह के सवालों से बचें।
अगला कदम अक्सर युवाओं के बीच वीडियो कॉल होता है, कभी-कभी शुरू के कुछ मिनट माता-पिता भी साथ होते हैं। जुड़े हुए परिवार साइट का वीडियो कॉल लिंक इस्तेमाल कर सकते हैं, ताकि किसी को अपना निजी ऐप खाता साझा न करना पड़े। हमारा लेख पहली वीडियो कॉल बताता है कि इसे सहज कैसे रखें और किन बातों पर बात करें।
अगर दोनों पक्षों को अच्छा लगे, तो परिवार पहली मुलाक़ात की योजना बनाते हैं। कई परिवार इसके लिए अच्छा समय चुनना पसंद करते हैं, और आप जो तारीख चुनें उसके लिए साइट शुभ चौघड़िया का समय सुझाती है। किसी आरामदायक और सम्मानजनक जगह मिलें, जैसे किसी एक परिवार का घर या कोई अच्छा पारिवारिक रेस्टोरेंट, और माता-पिता साथ हों। परिवारों की पहली मुलाक़ात वाला लेख बताता है कि कौन-कौन जाए, क्या लेकर जाएँ और मुलाक़ात को सलीके से कैसे समाप्त करें।
भाग 09हाँ कहने से पहले किन सवालों पर बात करें
रिश्ता दो परिवारों को जोड़ता है, पर विवाह दो लोग जीते हैं। हाँ कहने से पहले यह पक्का करें कि युवाओं को रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़ी ज़रूरी बातों पर बात करने का पूरा समय मिला हो। कुछ ज़रूरी विषय:
- दंपती कहाँ रहेंगे, और क्या माता-पिता के साथ रहेंगे।
- दोनों की करियर योजनाएँ, जिसमें शादी के बाद बहू का काम भी शामिल हो।
- दोनों तरफ़ माता-पिता और भाई-बहनों के प्रति ज़िम्मेदारियाँ।
- पैसे, बचत और खर्च को लेकर सोच।
- घर में पूजा-पाठ, खान-पान और त्योहारों की परंपराएँ।
- बच्चों के बारे में सामान्य विचार।
- स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी बात जो दूसरे परिवार को ईमानदारी से पता होनी चाहिए।
ये सवाल हमेशा आसान नहीं होते, पर सगाई से पहले इन्हें नरमी से पूछ लेना बाद की बड़ी परेशानियों से बचाता है। जो परिवार खुलकर जवाब देता है, उस पर आमतौर पर भरोसा किया जा सकता है। पूरी सूची हमारे लेख हाँ कहने से पहले पूछे जाने वाले सवाल में है।
भाग 10पुष्करणा ब्राह्मण मैट्रिमोनी में सुरक्षा और सत्यापन
साइट पर हर प्रोफ़ाइल दिखने से पहले समाज की टीम द्वारा जाँची जाती है, जिससे कई फ़र्ज़ी या लापरवाह प्रोफ़ाइलें बाहर रहती हैं। फिर भी, आगे बढ़ने से पहले हर परिवार को अपनी जाँच खुद करनी चाहिए। कुछ सरल नियम आपको सुरक्षित रखते हैं:
- मैट्रिमोनी प्रोफ़ाइल से मिले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कारण से पैसे न भेजें, चाहे उसे मेडिकल इमरजेंसी, वीज़ा फ़ीस या कस्टम शुल्क बताया जाए।
- नौकरी और कंपनी की पुष्टि करें। दफ़्तर जाकर देखना, किसी जान-पहचान वाले सहकर्मी से बात करना या नियुक्ति पत्र देखना उचित माँग है।
- परिवार के बारे में उन रिश्तेदारों या समाज के लोगों से पूछें जो उन्हें उनके मूल स्थान या मौजूदा शहर में जानते हों।
- खासकर शुरुआती मुलाक़ातें किसी सार्वजनिक जगह या घर पर, परिवार की मौजूदगी में करें।
- निजी फोटो, दस्तावेज़ या बैंक विवरण साझा करने में सावधानी रखें।
- अगर कुछ ठीक न लगे, तो रुकें, घर पर बात करें, और साइट की टीम को बताएँ।
सच्चा परिवार सावधानी भरी जाँच से कभी नाराज़ नहीं होगा। पूरी जानकारी के लिए पढ़ें हमारी गाइड ऑनलाइन सुरक्षित कैसे रहें।
भाग 11विशेष परिस्थितियाँ: NRI परिवार, पुनर्विवाह और तीस के बाद रिश्ता
कई पुष्करणा परिवार अब विदेश में रहते हैं, और उनके बेटे-बेटियाँ अक्सर समाज से ही जीवनसाथी ढूँढते हैं। अलग-अलग देशों के बीच रिश्ते में वीज़ा, दंपती कहाँ बसेंगे और भारत में माता-पिता से कितनी बार मिलने आएँगे, जैसे सवाल उठते हैं। NRI पुष्करणा रिश्ता गाइड इन बातों को समझाती है।
तलाक या जीवनसाथी के निधन के बाद दूसरा विवाह, यानी पुनर्विवाह, भी उतने ही सम्मान और सावधानी का हक़दार है जितना कोई पहला विवाह। ईमानदार प्रोफ़ाइल और समझदार परिवार सबसे बड़ा फ़र्क लाते हैं। और जानने के लिए पढ़ें पुनर्विवाह और दूसरा विवाह।
आजकल पढ़ाई, करियर या पारिवारिक ज़िम्मेदारियों के कारण कई युवा तीस के बाद विवाह करते हैं। इसमें चिंता की कोई बात नहीं, बस उम्र के अंतर और शहर को लेकर थोड़ा लचीला होना मदद करता है। देखें हमारी गाइड तीस के बाद रिश्ता।
भाग 12रिश्ता तय होने के बाद
जब दोनों परिवार हाँ कहते हैं, तो वह खुशी का पल होता है। कई परिवार पहले करीबी रिश्तेदारों को खबर देते हैं और फिर सगाई की योजना बनाते हैं। साइट पर एक बधाई कार्ड है जिसे आप परिवार और दोस्तों को भेजकर यह शुभ समाचार बाँट सकते हैं।
इसके बाद आती है विवाह की तारीख। साइट का विवाह मुहूर्त कैलेंडर शुभ तिथियाँ दिखाता है, जिन पर आप तय करने से पहले अपने पंडित जी से बात कर सकते हैं। तारीख तय होते ही तैयारियाँ शुरू हो जाती हैं: स्थान, हलवाई, पंडित जी, टेंट और सजावट, बैंड और बहुत कुछ। समाज सेवा डायरेक्टरी में समाज के लोगों की विवाह सेवाएँ दी गई हैं, ताकि आप अपने शहर के पास हलवाई, पंडित, टेंट हाउस और दूसरी सेवाएँ ढूँढकर सीधे उनसे बात कर सकें।
यह भी याद रखें कि जो रुचियाँ अभी बाकी हैं उनका विनम्रता से जवाब दे दें, ताकि दूसरे परिवार जान सकें कि बात कहाँ है और अपनी खोज जारी रख सकें।
भाग 13अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या pushkarnamatch.com केवल पुष्करणा ब्राह्मण परिवारों के लिए है?
हाँ। यह साइट केवल पुष्करणा ब्राह्मण परिवारों के लिए बनी है, चाहे वे भारत में हों या विदेश में, और हर प्रोफ़ाइल दिखने से पहले समाज की टीम द्वारा जाँची जाती है।
क्या पंजीकरण सच में निःशुल्क है?
हाँ। पंजीकरण निःशुल्क है और OTP के लिए केवल मोबाइल नंबर चाहिए। आप बिना किसी शुल्क के प्रोफ़ाइल बना सकते हैं, खोज सकते हैं, रुचि भेज सकते हैं और कुंडली मिलान टूल इस्तेमाल कर सकते हैं।
दूसरे परिवार को मेरा फोन नंबर कब दिखेगा?
केवल तब, जब दोनों परिवार एक-दूसरे की रुचि स्वीकार कर लें। तब तक आपका नंबर सबसे छिपा रहता है।
क्या साइट अपने-आप गोत्र जाँचती है?
हाँ। हर प्रोफ़ाइल पर आपकी अपनी प्रोफ़ाइल के साथ अपने-आप गोत्र जाँच दिखती है। फिर भी दूसरे परिवार और अपने बड़ों से विवरण पक्का कर लेना समझदारी है।
कुंडली मिलान में कितने गुण मिलने चाहिए?
कई परिवार 36 में से 18 या उससे ज़्यादा गुण स्वीकार्य मानते हैं, पर पंडित जी अंक से कहीं ज़्यादा देखते हैं। विशेषज्ञ राय के लिए आप "पंडित जी को भेजें" लिंक इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्या माता-पिता अपने बेटे या बेटी की प्रोफ़ाइल बना सकते हैं?
हाँ। कई प्रोफ़ाइलें माता-पिता ही बनाते और संभालते हैं। अच्छा यही है कि विवरण भरने और हर निर्णय में बेटे या बेटी को शामिल रखें।
क्या साइट हिंदी में उपलब्ध है?
हाँ। पूरी साइट हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में चलती है, और आप कभी भी भाषा बदल सकते हैं।
भाग 14सावधानी के साथ अपनी खोज शुरू करें
सही रिश्ता ढूँढने में धैर्य, ईमानदारी और एक-दूसरे पर थोड़ा भरोसा लगता है। चाहे आप अपनी बेटी के लिए खोज शुरू कर रहे माता-पिता हों या खुद पुष्करणा जीवनसाथी ढूँढने को तैयार युवा, पहला कदम आसान है। निःशुल्क प्रोफ़ाइल बनाएँ, समाज की टीम को उसे जाँचने दें, और उन परिवारों को देखना शुरू करें जिनकी जड़ें और मूल्य आप जैसे हैं। इस यात्रा में आपके परिवार को ढेरों शुभकामनाएँ।
